उमराली, अलीराजपुर जिले के ग्रामीण अंचल को अवैध, बंगाली, झोलाछाप डॉक्टरों ने अपने मायाजाल में लिया हुआ था, जिले के छोटे छोटे ग्रामों में इन बंगाली डॉक्टरों ने अपने-अपने लक्ष्मी तंत्र से पैठ जमा कर आदिवासी ग्रामीणों को इलाज के नाम पर प्रयोगशाला बना रखी थी। इसके बाद हुई नानपुर की घटना जिसमें एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद जिला कलेक्टर अभय अरविंद बेडेकर के निर्देश पर पूरे जिले भर में अवैध बंगाली झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्यवाही की गई थी। कुछ दिन गुजरने के बाद धीरे धीरे फिर से यह लोग अपनी खोलने में लगे है, जिसके चलते जिले के उमराली एक अवैध बंगाली डॉक्टर के क्लीनिक को नायब तहसीलदार द्वारा सील की गई है।
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