नई दिल्ली, नगर संवाददाता: कन्नड़ से अंग्रेजी में अनूदित किए जा रहे गिरीश कर्नाड से संबंधित संस्मरण का विमोचन मई में होगा। इसे मशहूर अनुवादक श्रीनाथ पेरूर अंतिम रूप दे रहे हैं। इस संस्मरण को अभिनेता- नाटककार कर्नाड स्वयं अनूदित कर रहे थे, लेकिन अनुवाद पूरा होने से पहले ही 2019 में उनका निधन हो गया। हार्पर कॉलिन्स प्रकाशक से संबद्ध फोर्थ स्टेट द्वारा निर्देशक की 83वीं जयंती पर 19 मई को ‘दिस लाइफ एट प्ले: ए मेमॉयर बाई गिरीश कर्नाड’ पुस्तक जारी की जाएगी। कर्नाड को आधुनिक भारत की महानतम सांस्कृतिक हस्तियों में से एक माना जाता है। उनका संस्मरण सबसे पहले 2011 में कन्नड़ में छपा था। संस्मरण में धारवाड़ में कर्नाड के पालन पोषण से लेकर स्थानीय थिएटर से जुड़ने और फिर मुंबई में उनकी शिक्षा के बाद रॉड्स स्कॉलर के तौर पर ऑक्सफोर्ड जाने तक का उनका सफर, प्रकाशक से लेकर फिल्म जगत में उनकी सफलता तक का जिक्र इस पुस्तक में है। इसके अलावा उनके निजी एवं लेखकीय जीवन के पहलुओं पर भी इसमें प्रकाश डाला गया है। उनके पुत्र-पुत्री रघु और राधा ने कहा, ‘‘हमारे पिता ने स्वतंत्र भारत के हर दशक को भरपूर जिया– उनकी लेखनी और विचार देश के जीवन और खासकर इसकी कला का आईना थे।’’ पेरूर के मुताबिक, कर्नाड अपनी लेखनी का अनुवाद आम तौर पर खुद ही करते थे। उन्होंने कहा, ‘‘अपने संस्मरण का उन्होंने अंग्रेजी अनुवाद शुरू किया था लेकिन उसे पूरा नहीं कर पाए। निधन से पहले उन्होंने मुझे फोन किया और कहा कि इसमें सहयोग कीजिए। तब तक मैंने कन्नड़ में लिखी किताब नहीं पढ़ी थी लेकिन मैं जानता था कि पाठक इसे पसंद करेंगे।’’
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