रिपोर्टर — राजकुमार शुक्ला, छतरपुर :- प्रशासनिक जिम्मेदारी केवल सरकारी योजनाओं और कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं होती, बल्कि जरूरतमंद लोगों की पीड़ा को समझकर उनके जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास ही एक संवेदनशील प्रशासन की पहचान है। इसी सोच को धरातल पर उतारते हुए छतरपुर कलेक्टर श्री मृणाल मीणा ने विस्थापित ग्रामीण परिवारों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। केन-बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत प्रभावित ग्राम दौधन और पलकोहना में लगाए गए शिविर के फॉलोअप के दौरान कलेक्टर श्री मृणाल मीणा ने ग्रामीणों के बीच बैठकर करीब तीन घंटे तक जनसुनवाई की। इस दौरान उन्होंने प्रत्येक ग्रामीण की व्यथा, पीड़ा और समस्याओं को व्यक्तिगत रूप से सुना। प्रशासन के मुखिया का इस प्रकार आम ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी बात सुनना प्रशासनिक संवेदनशीलता का उल्लेखनीय उदाहरण माना जा रहा है। कलेक्टर श्री मीणा ने प्रभावित ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि यदि ग्रामीण एक स्थान पर सामूहिक रूप से बसना चाहते हैं, तो प्रशासन संवेदनशीलता के साथ उपयुक्त भूमि चिन्हित कर उसे उपलब्ध कराने में सहयोग करेगा। उन्होंने करौंदिया में मकान निर्माण के लिए आवंटित भूमि पर समय पर निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश भी दिए, ताकि विस्थापित परिवारों को जल्द से जल्द स्थायी आवास मिल सके।
पुनर्वास स्थल पर केवल मकान उपलब्ध कराना ही प्रशासन का लक्ष्य नहीं है, बल्कि वहां आवश्यक मूलभूत सुविधाएं विकसित करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्वास्थ्य, विद्युत और शैक्षणिक सुविधाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। महिला एवं बाल विकास अधिकारी को 48 घंटे के भीतर अस्थायी आंगनवाड़ी शुरू करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही सड़कों की मरम्मत तथा बोरेवेल और हैंडपंप के माध्यम से पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के प्रयास भी जारी हैं। कलेक्टर ने अधिकारियों को प्रत्येक घर का सर्वे कर उन्हें जल जीवन मिशन से जोड़ने के निर्देश दिए, जिससे विस्थापित परिवारों को मूलभूत पेयजल सुविधा उपलब्ध हो सके। विस्थापन के दौरान लोगों की भावनाओं और धार्मिक आस्था को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि प्रभावित गांवों के धार्मिक स्थलों और मूर्तियों को भी उचित रीति-रिवाज एवं सांस्कृतिक परंपराओं के साथ नए स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा। इस निर्णय से यह संदेश जाता है कि पुनर्वास केवल जमीन और मकान का विषय नहीं, बल्कि लोगों की सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक भावनाओं से भी जुड़ा हुआ है। शिविर में प्राप्त आवेदनों की जांच के बाद पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार मुआवजा और पुनर्वास पैकेज की राशि देने की प्रक्रिया जारी है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन हितग्राहियों के बैंक खातों में भुगतान असफल हुआ है, उनके बैंक खाते संबंधी विवरण शीघ्र अपडेट कर पुनः भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाए। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि पात्र हितग्राहियों को उनका हक दिलाने में प्रशासन किसी प्रकार की लापरवाही नहीं करेगा। वहीं जिन विस्थापित लोगों के पास आयु संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, उनकी आयु निर्धारित करने के लिए जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। संदिग्ध आयु वाले व्यक्तियों के लिए विशेष मेडिकल परीक्षण की व्यवस्था की गई है, ताकि नियमानुसार सही पात्रता तय की जा सके। कलेक्टर श्री मृणाल मीणा ने मुआवजा एवं पुनर्वास राशि प्राप्त कर चुके परिवारों से अपील की कि वे इस राशि का सदुपयोग करते हुए प्राथमिकता के आधार पर अपने नए मकानों का निर्माण शुरू करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुनर्वास पैकेज की राशि निर्धारित नियमों एवं प्रक्रिया के अनुसार पात्र हितग्राहियों को ही दी जाएगी। जिन परिवारों के मकान बन चुके हैं, उनसे भी बिना किसी भ्रम के विस्थापित गांव से अन्य स्थान पर स्थानांतरित होने की अपील की गई। कलेक्टर की इस जनसुनवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक श्री रजत सकलेचा, जिला पंचायत सीईओ श्री नमः शिवाय अरजरिया, एसडीएम श्री विजय द्विवेदी सहित राजस्व, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर द्वारा लंबे समय तक ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याओं को सुनना और मौके पर ही अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देना प्रशासन की सक्रियता और संवेदनशील कार्यशैली को दर्शाता है। विस्थापन जैसे संवेदनशील विषय में प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी प्रभावित परिवारों को केवल स्थानांतरित करना नहीं, बल्कि उन्हें सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। कलेक्टर श्री मृणाल मीणा द्वारा ग्रामीणों की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनना, अधिकारियों को समयबद्ध निर्देश देना और पुनर्वास के साथ-साथ मूलभूत सुविधाओं पर जोर देना निश्चित रूप से एक जवाबदेह एवं जन-केंद्रित प्रशासन की तस्वीर प्रस्तुत करता है।
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