पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में एक माओवादी मारा गया

सिमड़ेगा, झारखंड़/नगर संवाददाताः झारखंड के सिमडेगा जिले में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में एक माओवादी मारा गया. पुलिस अधीक्षक राजीव रंजन ने बताया कि सूचना के आधार पर तलाशी अभियान चलाया गया. इसी दौरान मुंड़िया जंगल के करीब पुलिस पर तीन मोटरसाइकिल सवार लोगों ने गोलियां चलाई. उन्होंने बताया कि जवाबी गोलीबारी में इनमें से एक तुरिया उरांव घटनास्थल पर ही मारा गया, जबकि दो अन्य जंगल में भागने में कामयाब रहे. उरांव भाकपा (माओवादी) का पूर्व कमांडर था. उस पर जिले में चार मामले दर्ज हैं. मालूम हो कि राज्‍य में पीएलएफआई (पीपुल्स लिब्रेशन फ्रंट ऑफ इंडिया) के उग्रवादी पनप रहे हैं. एक के मारे जाते ही कई उग्रवादी कतार में खड़े हो जाते हैं. 13 से 18 वर्ष का दस्ता कोल्हान में आंतक का पर्याय बन चुका है. राजधानी में संगठन के दस्तक देते ही राज्य पुलिस मुख्यालय और डीजीपी ने इसके पूर्ण खात्मे को लेकर एक विशेष अभियान शुरू किया है. रांची , खूंटी , सिमडेगा , गुमला जैसे जिले पीएलएफआई के गढ़ बन गए हैं. यहां आए दिन हत्या और नरसंहार की घटनाएं घट रही हैं. लोग दहशत में हैं. राज्य पुलिस इनके खात्मे के लिए विशेष अभियान चला कई नक्सलियों को मार गिराया है. कई को पकड़ा है. लेकिन रक्तबीज की तरह एक के मारने के बाद कई नए नक्सली पैदा हो रहे हैं. हालात ये है कि राज्य पुलिस मुख्यालय से महज 15 से 17 किलोमीटर की दूरी पर एक साथ छह छह लोगों का नरसंहार कर पुलिस को खुली चुनौती दे रहे हैं और घटना के चार दिन बीतने के बाद भी पुलिस नरसंहार में शामिल एक भी पीएलएफआई कैडर को गिरफ्तार नहीं कर पायी है.

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