मुजफ्फरनगर, यूपी/नगर संवाददाताः वर्ष 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों के दौरान अपने पैतृक गांव से विस्थापित 35 वर्षीय महिला ने सड़क पर बच्चे को जन्म दिया क्योंकि एक सरकारी अस्पताल ने उसे भर्ती करने से कथित तौर पर इनकार कर दिया था. इसके बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी सीएमओ ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं. जब गर्भवती महिला को कांधला शहर के एक सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ने भर्ती करने से कथित तौर पर इनकार कर दिया. पीड़िता के पति ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने महिला को लौट जाने को कहा क्योंकि उसके डिलीवरी की संभावित तारीख तीन दिन बाद की थी. उसने बताया कि घर लौटते समय उसकी पत्नी ने सड़क पर ही बच्चे को जन्म दिया. महिला को बाद में सीएमओ वी अग्निहोत्री के निर्देशानुसार शामली जिले के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया. इसी बीच सीएमओ ने घटना की जांच का आदेश दिया है. महिला ने दावा किया कि दंगों के दौरान उसे अपना पैतृक गांव फुगना छोड़ना पड़ा था और बाद में उसका पुनर्वास कांधला शहर में कराया गया.
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