नई दिल्ली, नगर संवाददाता: डीजल-पेट्रोल के बढ़ते भावों को लेकर ट्रांसपोर्ट व्यवसाई लामबंद हुए हैं। इस संबंध में ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों ने बैठक कर इसके समाधान के लिए डीजल-पेट्रोल को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग की है। दिल्ली गुड्स ट्रांसपोर्ट ऑर्गनाइजेशन और ऑल इंडिया गुडस एंड मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने इस संबंध में बैठक की है। ऑर्गनाइजेशन के अध्यक्ष राजेंद्र कपूर ने बताया कि बैठक में सर्वसम्मति से डीजल-पेट्रोल को जीएसटी में लाने के लिए सरकार से बातचीत करने का फैसला लिया गया है। इस संबंध में प्रतिनिधिमंडल सरकार के समक्ष प्रस्ताव रखेगा। अगर इस माध्यम से मांग पर अमल नहीं होता है, तो ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों को मजबूरन विरोध प्रदर्शन करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट व्यवसाय में लागत की 65 फीसदी भागीदार पेट्रोल-डीजल की है।
Latest News
संवेदनशील प्रशासन की मिसाल बने कलेक्टर मृणाल मीणा, विस्थापित ग्रामीणों की समस्याओं को सुनकर...
रिपोर्टर — राजकुमार शुक्ला, छतरपुर :- प्रशासनिक जिम्मेदारी केवल सरकारी योजनाओं और कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं होती, बल्कि जरूरतमंद लोगों की पीड़ा को...
धुन्धाड़ा स्थित श्री गिरधर रामेश्वर धाम में देवाधिदेव महादेव जी की 51 फीट विशाल...
रिपोर्टर - कानाराम घांची दईपड़ा, जोधपुर, राजस्थान :- आज श्रावण मास के द्वितीय सोमवार के पावन अवसर पर गांव धुन्धाड़ा स्थित श्री गिरधर रामेश्वर...
डीएम ने राजकीय पुस्तकालय का किया औचक निरीक्षण: प्रतियोगी छात्रों को बेहतर सुविधाएं देने...
रिपोर्टर - शैलेश, रायबरेली :- रायबरेली की जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने गुरुवार दोपहर 2:45 बजे राजकीय पुस्तकालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान...

















