नगर संवाददाता, मुंबईः 11 जुलाई 2006 को मुंबई की लोकल ट्रेनों में हुए सीरियल बम धमाकोें के करीब नौ साल बाद मकोका कोर्ट ने आज इस मामलों में पांच दोषियों को फांसी और सात को उम्र कैद की सजा सुनाई है। इन धमाकों में 188 लोगों की मौत हो गई है। इस बीच पीडि़त पक्ष के वकील ने कहा कि वह इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएगा। विशेष न्यायाधीश यतिन डी शिंदे ने पिछले सप्ताह सजा के अनुपात पर दलीलों को लेकर सुनवाई पूरी की थी। तब अभियोजन पक्ष ने 12 में 8 दोषियों को मौत की सजा सुनाने की माँग की थी, वही बाकी चार को उम्रकैद की सजा दिए जाने की मांग की थी। विशेष मकोका अदालत ने 23 सितंबर को मामले मे सजा पर अपना आदेश 30 सितंबर के लिए सुरक्षित रखा था। इससे पहले अदालत ने 11 सितंबर को 13 में से 12 आरोपियों को दोषी करार दिया था। इन सभी के कथित तौर पर प्रतिबंधित संगठन सिमी से संबंध रहे है। आरोपियों को आईपीसी, विस्फोट अधिनियम, गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से रोकथाम अधिनियम व भारतीय रेलवे अधिनियम और मकोका के प्रावधानों के तहत दोषी ठहराया गया था।
Latest News
संवेदनशील प्रशासन की मिसाल बने कलेक्टर मृणाल मीणा, विस्थापित ग्रामीणों की समस्याओं को सुनकर...
रिपोर्टर — राजकुमार शुक्ला, छतरपुर :- प्रशासनिक जिम्मेदारी केवल सरकारी योजनाओं और कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं होती, बल्कि जरूरतमंद लोगों की पीड़ा को...
धुन्धाड़ा स्थित श्री गिरधर रामेश्वर धाम में देवाधिदेव महादेव जी की 51 फीट विशाल...
रिपोर्टर - कानाराम घांची दईपड़ा, जोधपुर, राजस्थान :- आज श्रावण मास के द्वितीय सोमवार के पावन अवसर पर गांव धुन्धाड़ा स्थित श्री गिरधर रामेश्वर...
डीएम ने राजकीय पुस्तकालय का किया औचक निरीक्षण: प्रतियोगी छात्रों को बेहतर सुविधाएं देने...
रिपोर्टर - शैलेश, रायबरेली :- रायबरेली की जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने गुरुवार दोपहर 2:45 बजे राजकीय पुस्तकालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान...


















