सिटू का तिवसा पंचायत समिती के सामने धरना आंदोलन सफल, तिवसा तालुका में निर्माण कामगारों को ग्राम सेवकों से ९० दिनों का काम करने का प्रमाण पत्र मिलेगा।

रिपोर्टर नंदकिशोर मते महाराष्ट्र राज्य भवन और अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के तहत पंजीकृत निर्माण कामगारों के लिए विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जाता है। इसके लिए पंजीकरण और नवीनीकरण करने के लिए शासकीय अधिसूचना के अनुसार निर्माण कामगारों को ९० दिनों का काम करने का प्रमाण पत्र ग्राम पंचायत अधिकारी/ग्राम सेवकों से हस्ताक्षर, मुहर और जावक क्रमांक के साथ प्रमाणित करवाना आवश्यक है। अमरावती जिला भवन निर्माण कामगार संघठन, सिटू ने पंचायत समिति और ग्राम पंचायत अधिकारियों को पत्र दिया था कि निर्माण कामगारों के आवेदन की जांच कर ९० दिनों का काम करने का प्रमाण पत्र ग्राम सेवकों द्वारा हस्ताक्षर, मुहर और जावक क्रमांक के साथ प्रमाणित कर दिया जाए। लेकिन डेढ़ साल से इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। कामगारों के देशव्यापी हड़ताल के अवसर पर तिवसा तालुका के सभी निर्माण कामगारों को ९० दिनों का काम करने का प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने की मांग को लेकर पंचायत समिति तिवसा कार्यालय के सामने आज ०९ जुलाई २०२५ को सुबह ११ बजे से निर्माण कामगारों की ओर से संगठन ने धरना आंदोलन शुरू किया था। इस आंदोलन में सैकड़ों निर्माण कामगार शामिल थे।
इस दौरान पंचायत समिति तिवसा के सहायक गटविकास अधिकारी श्री अमझरे, विस्तार अधिकारी श्री उलेमाले और ग्राम सेवक यूनियन के तालुका अध्यक्ष सुनील मोंढे ने संगठन के पदाधिकारियों से चर्चा कर तिवसा तालुका के सभी गांवों के निर्माण कामगारों को ९० दिनों का काम करने का प्रमाण पत्र ग्राम पंचायत अधिकारियों से उपलब्ध कराने की लिखित गारंटी दी। इस आंदोलन में निर्माण कामगार संघठन के जिला अध्यक्ष अंकुश वाघ, सचिव ओमप्रकाश वाघमारे, जिला उपाध्यक्ष रोशन कांडलकर, संतोष निमकर, शफिक शहा, समीर शेख, अभिजीत भेलकर, प्रफुल निकाळजे, नारायण गोहत्रे, पुरुषोत्तम ढेवले, अतुल बद्रे, राजू पाटील, विजय कातोरे, शुद्धोधन ढोले, संजय गेडाम, सचिन भोजने, अनिल चोपकर जयकुमार मनवर, सुभाष रंगारी सहित सैकड़ों निर्माण कामगार उपस्थित थे।

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