फैशन की दुनिया में भविष्य

फिल्मों की लोकप्रियता में वृद्धि और फैशन के क्षेत्र में नए-नए प्रयोग तथा सौन्दर्य प्रतियोगिताओं के बढ़ते प्रचलन ने आज फैशन के क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार सम्भवनाओं के नए द्वार खोल दिए हैं। आज भारत सरकार की नई नीतियों के कारण बहुराष्ट्रीय कंम्पनियां भी फैशन उद्योग के विकास के लिए गंभीर है।

समाज मे तेजी से बदलती मान्यताएं, रूचियों में आये परिवर्तन तथा बाजार में अंगड़ाई लेती रोजगार की सम्भावनाओं ने युवावर्ग के लिए विकल्पों का अंबार लगा दिया हैं। फैशन डिजाइनिंग एक ऐसा ही क्षेत्र है जहां कैरियर के लिए अपार गुंजाइश मौजूद है। आज फैशन के क्षेत्रों में अपार पैसे और गलैमर के कारण न केवल युवतियां बल्कि युवकों का भी रूझान फैशन डिजाइनिंग की तरफ बढ़ रहा है। अगर देखा जाए तो फैशन डिजाइनिंग आज के युवावर्ग की मांग है आज हमारे देश भारत में एक से बढ़कर एक डिजाइन के वस्त्र तैयार किए जाते हैं जिनकी विदेशों में बहुत ज्यादा मांग हैं हमारे देश भारत से पारंपरिक वस्त्रों का निर्यात सबसे ज्यादा किया जाता है।
भारतीय डिजाइनरों ने फैशन के क्षेत्र में भारतीय प्रतिभा व यहां के डिजाइन से पूरी दुनिया का परिचय कराया है इन सबसे जहां अर्न्तराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय फैशन डिजाइनों की मांग बढ़ी हैं वहीं इस क्षेत्र में दाम के साथ साथ नाम कमाने की सम्भावनाएं भी बढ़ गई है। आजकल इस क्षेत्र में जितने कुशल व दक्ष लोगों की जरूरत है उतने उपलब्ध नहीं हैं इसलिए निजी क्षेत्र के संस्थान भी व्यवसायिक प्रशिक्षण देने के लिए नए-नए विकल्पों व साधनों को प्रयोग मे ला रहें है।
फैशन की दुनिया में जाने के लिए कोई भी युवक-युवती 10+2 अथवा इंटरमीडिएट के उपरांत फैशन से सम्बन्धित किसी भी तकनीकी पाठ्यक्रम मे एडमिशन ले सकती हैं। किसी भी कोर्स को पूरा करने के उपरान्त उसके बेरोजगार रहने की नौबत ही नहीं रहती है। फैशन की दुनिया में आज के युवावर्ग के लिए बहुत कुछ है। जरूरत है आपकी हिम्मत की। अपनी अभिरूचि के अनुसार फैशन के किसी भी क्षेत्र में प्रशिक्षित होकर अपने कैरियर की शानदार ऊचाइंयों को स्पर्श करे।
फैशन डिजाइनिंग के प्रमुख क्षेत्र निम्नलिखित हैं जिसमे आप प्रशिक्षण ले सकते हैं।
1. एपेरल मर्केन्डाइजिंग को-आर्डिनेटर 2. रीटेलर 3. सेल प्रमोशन 4. फैशन फोटोग्राफी 5. ड्रेस डिजाइनर 6. ऐक्सेसरी डिजाइनर 7.गारमेन्ट मैन्यूफैक्चरिंग टैक्नोलॉजिस्ट 8. निटवियर डिजाइनर 9. फैशन पत्रकारिता 10. ऐपेरल मार्केटिंग एंड मरर्चेन्डाइजिंग 11. परिधान विनिर्माण प्रोद्योगिकी 12. निटवियर डिजाइन प्रौद्योगिकी 13 वस्त्र डिजाइन व विकास
इस समस्त क्षेत्रों में अपना भविष्य सवांरने के लिए विधिवत प्रशिक्षण लेना बहुत जरूरी है। प्रशिक्षण के पश्चात्‌ जब आप फैशन की सतरंगी दुनिया मे जाऐंगे तो आप को रोज नए-नए डिजाइन प्रकाश में लाने होंगें खूबसूरत व मन को मोहने वाले डिजाइन के साथ-साथ उनके ऊपर नई-नई तकनीकों का भी प्रयोग करना होता है। फैशन की दुनिया में अपने नाम का सिक्का जमाने के लिए फैशनेबल लोगों की इच्छा के मुताबिक काम करना होता हैं तभी आप बाजार में टिक पाऐगें। फैशन बहुत जल्दी-जल्दी बदलता है इसलिए एक कुशल और प्रतिभाशाली डिजाइनर को कड़ी मेहनत से काम करना होता है। उसे अपने आस-पास के वातावरण, फिल्मों, रहन-सहन व जीवन स्तर की भी गहरी समझ होनी चाहिए।

इस क्षेत्र में अपना कैरियर बनाने वाले युवा यह बात सुनिश्चित कर लें कि वे किसी भी सरकारी अथवा निजी क्षेत्र के संस्थान से प्रशिक्षण लेते है। तो उन्हें खाली हाथ नहीं बैठना पड़ेगा सार्वजनिक व निजी क्षेत्र की वस्त्र कंपनियां, फैशन ब्राडों, टैक्सटाइल मिलों, फैशन संस्थानों में उनके लिए रोजगार की अपार संभावनाएं है। बहुचर्चित तथा अच्छे संस्थानों में ‘कैम्पस इंटरव्यू’ का भी प्रचलन है। अर्थात्‌ जब अपने प्रशिक्षण के अंतिम दौर में होते हैं तो अच्छी कंपनियां ऊंचे वेतन पर योग्य व्यक्ति की नियुक्ति कर लेती है। लेकिन अगर आप नौकरी नहीं करना चाहते तो आप अपना काम करके लाखों रूपये महीना कमा सकते हैं। इस क्षेत्र में अपना काम जैसे रेडीमेट गार्मेन्ट बुटीक खोल सकते हैं।

फैशन इकाई उद्योग स्थापित करने के लिए राष्ट्रीय बैंकों से लोन लेकर आप लाखों कमा सकते हैं। इस क्षेत्र में अगर आप नौकरी करना चाहतें हैं तो शुरूआती 8000रु. से लेकर और बाद में आपके बढ़ते अनुभव के साथ लगभग 60000-75000 हजार तक वेतन पा सकते है। बहुत सी कंपनियां वर्तमान में नियमित फैशन शो कराने लगी है। जिन्हे योग्य या अनुभवी लोगों की हमेशा जरूरत रहती है। अनुभव के आधार पर वे निर्णय पैनल का निर्माण करके फैशन डिजाइनरों को अच्छी खासी रकम प्रदान करते हैं। फैशन के संसार में अपार धन व संभावनाओं के चलते आधुनिक युवक-युवतियां इसको बतौर कैरियर अपनाने के दिवाने हैं। वर्ष 1990 में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में केन्द्रीय कपड़ा मंत्रालय ‘निफ्ट’ नेशनल इन्स्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नालॅाजी-हौज खास नई दिल्ली-110016 की स्थापना की गई। समूचे एशिया में चर्चित इस संस्थान ने अबतक बहुत सारे मशहूर डिजाइनरों को प्रशिक्षित किया है। यहां प्रशिक्षण की उच्च व्यवस्था है निफ्ट से आप मुख्य रूप से पांच प्रकार के पाठ्यक्रम मे प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं दाखिले के लिए 10+2 होना अनिवार्य है और यह संस्था 3 वर्ष का कोर्स प्रदान कराती है। साथ ही साथ कुछ शार्ट टर्म कोर्स भी होते हैं।
यहां से आप एपेरेल मर्चेन्डाइजिंग एंड मार्केटिंग कोर्स कर सकते हैं इसके अलावा आप गार्मेन्ट मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी कोर्स भी कर सकते हैं दोनों कोर्सो के लिए आप को किसी भी मान्य विश्वविद्यालय से स्नातक होना अनिवार्य है। और दोनों कोर्स की अवधि दो-दो वर्ष हैं इसके अलावा अगर आप 10+2 है तो आप एक्सेसरी डिजाइनिंग में प्रवेश ले सकते है। कोर्स अवधि दो वर्ष है और अगर आप इंटर पास हैं तो आप यहां टेक्सटाईल डिजाईनिंग में प्रवेश ले सकते हैं कोर्स अवधि 2 वर्ष है। इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए प्रतिवर्ष अखिल भारतीय स्तर पर चयन परीक्षा ली जाती है। निफ्ट में नामांकन के लिए फार्म नवंबर में मिलते हैं। जबकि प्रवेश परीक्षा जनवरी या फरवरी में होती हैं। लिखित परीक्षा की अवधि लगभग तीस मिनट की होती है, इसमें चुने गए प्रतियोगियों का साक्षात्कार होता है। जिसमें उनकी रुचि तथा कैरियर की प्रतिबद्धता के साथ-साथ भावी योजनाओं की भी जानकारी प्राप्त करते है। एक कोर्स में यहां केवल 30 छात्रों को ही प्रवेश मिलता है। जो युवक युवतियां निफ्ट में प्रवेश नहीं ले पाते उनके लिए निजी क्षेत्र की बहुत सारी संस्थाएं मौजूद हैं। जिनमें से कुछ निम्नलिखित है।
1. इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी
साऊथ एक्सटेंसन, नई दिल्ली-110049
2. सेनेरिटा कॉलेज ऑफ फैशन डिजाइनिंग एंड मैनेजमेंट
पंजाबी बांग एक्सटेंसन, नई दिल्ली-110063
3. इंटरनेशनल पॉलिटेकनिक फॉर वूमेंस साऊथ एक्सटेंशन पार्ट-1, नई दिल्लीं
4. साऊथ दिल्ली पॉलिटेक्निक फॉर वूमेंस लाजपत नगर नई दिल्ली।
5. आई.आई सी स्कूल ऑफ आर्ट एण्ड फैशन क्नॉट प्लेस नई दिल्ली-110001
6. एयर फोर्स वोकेशनल कॉलेज, रेसकोर्स रोड नई दिल्ली।
पर्ल एकेडमी ऑफ फैशन संस्थान में मुख्य रूप से 6 प्रकार के पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं।
(1) इंटीगे्रटिट फैशन टेक्नोलॉजी
(2) एपेरेल मार्चेन्डाइजिंग कोर्स
(3) पी.जी. डिप्लोमा इन फैशन
(4) पी.जी. डिप्लोमा इन फैशन डिजाइनिंग एवं क्लोरिग टेक्नोलॉजी
(5) कम्प्यूटराज्ड फैशन डिजाइनिंग
(6) एपेरेल प्रोडक्शन टेक्नोलॉजी एंड फैशन डिजाइनिंग
यदि आप इस क्षेत्र को चुनना चाहते हैं, तो याद रहे इसमें कड़ी मेहनत, लगन और धैर्य की आवश्यकता है।

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