नेपाल के प्रधानमंत्री ‘प्रचंड’ 10 जनवरी को विश्वास मत हासिल करेंगे

काठमांडू, खेल संवाददाता। नेपाल के नवनियुक्त प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ ने 10 जनवरी को संसद में विश्वास मत हासिल करने का फैसला किया है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
सीपीएन-माओवादी केंद्र के 68 वर्षीय नेता ने 26 दिसंबर को तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। उन्होंने नाटकीय रूप से नेपाली कांग्रेस के नेतृत्व वाले चुनाव पूर्व गठबंधन से बाहर निकलकर विपक्ष के नेता केपी शर्मा ओली से हाथ मिला लिया था।
प्रचंड ने संसद सचिवालय से 10 जनवरी को संसद में विश्वास मत का एजेंडा पेश करने की व्यवस्था करने का अनुरोध किया। संसद सचिवालय के प्रवक्ता रोजनाथ पांडे ने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने 10 जनवरी को संसद के एजेंडे में विश्वास मत के विषय को शामिल करने के लिए एक पत्र भेजा है।’
संवैधानिक प्रावधान के अनुसार, प्रधानमंत्री बनने वाले व्यक्ति को पद की शपथ लेने के एक महीने के भीतर विश्वास मत हासिल करना होता है। देश में 20 नवंबर को चुनाव होने के बाद राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी ने नौ जनवरी को नयी संसद का पहला सत्र बुलाया है। प्रधानमंत्री के रूप में प्रचंड की नियुक्ति के बाद यह पहला संसद सत्र होगा।
प्रचंड द्वारा 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में 169 सदस्यों के समर्थन का पत्र सौंपे जाने के बाद राष्ट्रपति भंडारी ने उन्हें नए प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त किया था। सदन में स्पष्ट बहुमत के लिए उन्हें 138 मतों की जरूरत है।
उन्हें ओली की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल-यूनिफाइड मार्क्सिस्ट-लेनिनिस्ट (सीपीएन-एमाले) और नवगठित राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) सहित सात दलों का समर्थन प्राप्त है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here