नई दिल्ली, नगर संवाददाता: राजन बाबू इंस्टीट्यूट ऑफ पल्मोनरी मेडिसीन ऐंड ट्यूबरक्लोसिस के नर्सिंग स्टाफ ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर करके दावा किया है कि उन्हें पिछले वर्ष अक्टूबर माह से ही मासिक वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। संस्थान का संचालन उत्तर दिल्ली नगर निगम करता है। याचिका सुनवाई के लिए सोमवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ के समक्ष आई जिन्होंने मामले की सुनवाई 15 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दी। उस दिन इसी से जुड़ी कई याचिकाएं सुनवाई के लिये अदालत में सूचीबद्ध हैं। दिल्ली नर्सेस यूनियन की याचिका में कहा गया था कि उनकी ओर से एक अन्य याचिका भी दायर की गई थी जिसमें पिछले वर्ष जून से वेतन जारी करने का अनुरोध किया गया था और उस मामले में उच्च न्यायालय ने 11 नवंबर 2020 को निर्देश दिया था कि नर्सिंग स्टाफ के सितंबर 2020 तक के वेतन का भुगतान कर दिया जाए। इसमें कहा गया कि लेकिन उन्हें फिर से अदालत का रूख करना पड़ा क्योंकि अक्टूबर 2020 के बाद से उनके वेतन का आज तक भुगतान नहीं किया गया है।
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