रिपोर्टर संजय पुरी डीसी कांप्लेक्स से लेकर मामून चौक तक एपीके रोड पर सड़क के दोनों और बाहरी राज्यों से आकर रेहड़ी लगाने वालों की संख्या में दिन व दिन बढ़ोतरी हो रही है। हैरानी वाली बात यह है कि इन लोगों ने न तो निगम और न ही जिला प्रशासन से रेहड़ी लगाने की कोई परमिशन ली हुई है। ऐसे में बाहरी राज्यों के लोगों की दिन व दिन बढ़ती तादाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान पैदा कर रही है। यह बात भाजपा सुजानपुर मंडल के महासचिव व रिटायर्ड डिवीजल सिक्योरिटी कमिशन रेलवे सुरक्षा बल दर्शन कुमार ने कही। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों जेएंडके के पहलगाम में हुए नरसंहार के बाद समूचे देशवासियों में रोष बढ़ता जा रहा है। कारण, ऐसा पहली बार हुआ है कि आतंकियों ने मारने वालों से पहले उनका धर्म पूछा। इतना ही नहीं दरिंदगी की सारी हदें पार करते हुए आतंकियों ने 27 लोग जो हिंदू वर्ग से संबंधित थे को चुन-चुन कर मार डाला। कहा कि पहलगाम घटना के बाद पूरे देश में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। ऐसे में बिना किसी वेरिफिकेशन के ऐसे लोगों के सड़कों के किनारे खास तौर पर मामून व काठ वाला पुल एरिया में सेना की दीवार के साथ रेहड़ियां लगाने की बात उचित नहीं हैं। कुमार ने हैरानगी जताते हुए कहा कि एक हजार किलोमीटर दूर आकर यदि रेहड़ी लगाकर ही कारोबार करना है तो उसे अपने शहर अथवा प्रदेश में भी किया जा सकता है। लिहाजा, पठानकोट में ही वह लोग क्यों रेहड़ी लगाने के लिए आ रहे हैं। कहा कि इसमें सबसे बड़ी हैरानगी यह है कि जब उनसे नाम पूछो तो वह कुछ ओर बताते हैं जबकि, आधार कार्ड व उनके गुगल अकाउंट में पेमेंट करने पर उनके नाम कुछ ओर ही निकलते हैं। जिसे लेकर शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी कई प्रकार के सवालिया निशान लगते हैं। रिटायर्ड सिक्योरिेटी कमिशनर दर्शन कुमार ने कहा कि करीब चार महीने पहले हाउस की मीटिंग में सभी पार्षदों ने एक सुर में यह प्रस्ताव पारित किया था कि बाहर से आकर पठानकोट में रेहड़ी लगाने वालों को रेहड़ियां नहीं लगाने दी जाएंगी। परंतु दुख इस बात का है कि उसके बावजूद भी यह लोग बिना किसी रोक-टोक के डीसी कांप्लेक्स से लेकर मामून चौक वह लोग रेहड़ियां लगा रहे हैं। कहा कि पुलिस के पास भी अभी तक उनकी वेरिफिकेशन का कोई पक्का आंकड़ा नहीं हैं। लिहाजा, जिला पुलिस उक्त रेहड़ी चालकों की पूरी तरह से वेरिफिकेशन करे और जो गलत पाया जाता है उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करे। इसके अलावा शहर के जिन लोगों ने इन्हें घर या दुकानें दी हुई हैं वह भी इनकी अच्छी तरह से जांच पड़ताल पुलिस के साथ मिल कर करवाए ताकि हमारा शहर सुरक्षित रहे।
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