डीडवाना उपखण्ड, नागौर, राजस्थान, सुरेश ओझा: महिलाओं की सुरक्षा इस हद तक ख़तरे में आ गयी की कई दिनो तक लापता होना और फिर वापस जब महिला घर लौटे तो उस महिला का बेहोश अवस्था में मिलना राजस्थान में आए दिन यह घटना होती जा रही है द ये राजस्थान पुलिस कि लापरवाही और गेरज़िम्मेदारी का सबूत देती है । ऐसे घिनोने अपराध को अंजाम देने वालों को पुलिस का नज़रंदाज़ करना देश की बेटियों की सुरक्षा के लिए स्वयं ख़तरा है सरकार और प्रशाशान पीड़ित महिला की पीड़ा और न्याय को संज्ञान में ले और जल्द से जल्द दोषियों पर कार्यवाही की जाए और कड़ी से कड़ी सजा मिले न्यायलय से उम्मीद करते है l
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रिपोर्टर — राजकुमार शुक्ला, छतरपुर :- प्रशासनिक जिम्मेदारी केवल सरकारी योजनाओं और कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं होती, बल्कि जरूरतमंद लोगों की पीड़ा को...
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रिपोर्टर - कानाराम घांची दईपड़ा, जोधपुर, राजस्थान :- आज श्रावण मास के द्वितीय सोमवार के पावन अवसर पर गांव धुन्धाड़ा स्थित श्री गिरधर रामेश्वर...
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