नई दिल्ली, नगर संवाददाता : संपूर्ण दिल्ली से मदरसों के मुख्य पदाधिकारी कर्ता.धर्ता और अध्यापकों ने राब्ता मदारिस इस्लामिया अरबिया दारुल उलूम देवबंद दिल्ली राज्य के नेतृत्व में मदरसा बाबुल उलूम ज़ाफराबाद में आयोजित सम्मेलन में बड़ी संख्या में भाग लिया। जिसका शुभारंभ हाफ़िज सोहराब मदरसा बाबुल उलूम की तिलावत ए कुरान करीम तथा क़ारी मुस्तकीम मदरसा महमूदिया राम पार्क की नाते पाक से हुआ।
इस सम्मेलन की अध्यक्षता राब्ता मदारिस इस्लामिया अरबिया दारुल उलूम दिल्ली राज्य के अध्यक्ष मौलाना दाऊद अमीनी,मोहतमिम मदरसा बाबुल उलूम ज़ाफराबाद दिल्ली ने की जबकि मौलाना डाक्टर सईदउद्दीन क़ासमी महासचिव राब्ता मदारिस इस्लामिया अरबिया दारुल उलूम देवबंद दिल्ली प्रदेश ने सफल संचालन किया।
अपने शुभारंभ संबोधन में मौलाना दाऊद अमीनी अध्यक्ष दिल्ली प्रदेश ने इस सम्मेलन के आयोजन के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्तमान परिस्थितियां व लाकडाउन के कारण लगभग दो वर्षों से मदरसों की स्थिति अत्यधिक चिंताजनक है और मदरसों के अध्यापकों का जीवन दुभर बन चुका है। लेकिन हमारे उलेमा, हालात से न घबराएं। और साहस बनाए रखने के लिए ही आप और हम यहां इकट्ठा हुए हैं। हम सब को हर चुनौती का सामना साहस के साथ करना है।
मौलाना डाक्टर सईदुद्दीन क़ासमी ने कहा कि मुसलमानों के लिए आवश्यक है कि अपने उलमा और मदरसों की तरफ विशेष ध्यान रखें। जिन चीजों या आवश्यकताओं को पूरा करना है उनको अवश्य करें।
मौलाना मोहम्मद मुस्लिम अल क़ासमी अध्यक्ष जमीयत उलमा दिल्ली प्रदेश ने इस अवसर पर कहा कि लाकडाउन में संस्थान बंद हो गये। अध्यापकों की छुट्टी कर दी गई लेकिन मदरसों के पदाधिकारियों से अपील है कि मदरसों की आय प्राप्ति के बाद अपने अध्यापकों का वेतन अवश्य दें।
मौलाना मोहम्मद जावेद सिद्दीकी क़ासमी अध्यक्ष मजलिस तहफ्फुज शरियत इस्लामी हिंद व दिल्ली प्रदेश के जमीयत के पूर्व महासचिव ने अपने संबोधन में कहा कि उलमा की जिम्मेदारी के संबंध से कहना है कि देश में जहां कहीं भी धार्मिक ईर्ष्या और साम्प्रदायिकता को हवा देते हुए हिंसा की जा रही है एक विशेष वर्ग की समुह वाली हिंसा का शिकार होना पड़ रहा है। यह देश और देशवासियों के हित में नहीं है। इससे अव्यवस्था ही फैलेगी। हम हर तरह की साम्प्रदायिक हिंसा की घोर निंदा करते हैं। और भारत सरकार से मांग करते हैं कि ऐसे तत्वों को जो देश का वातावरण खराब कर रहे हैं उन्हें कड़ी सज़ा दी जाए।
मौलाना सिद्दीकी क़ासमी ने एक प्रस्ताव पेश किया कि देश के हर क्षेत्र व शहर में दूसरे धर्म के मानने वालों और देशवासियों के साथ मिलकर संयुक्त शांति समिति गठित की जाएं। सभी उपस्थित जनों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया।
मौलाना मुफ़्ती अब्दुल राज़िक क़ासमी महासचिव जमीयत उलमा दिल्ली प्रदेश ने अपने बयान में कहा कि मदरसों की तरफ लोगों का ध्यान आकर्षित हो इसके लिए मदरसों के दूतों (सफरा) का प्रशिक्षित होना अति आवश्यक है।
मुफ़्ती सखावत हसीन क़ासमी शेख उल हदीस मदरसा अमीनिया कश्मीरी गेट ने कहा कि वर्तमान हालात में भविष्य के दृष्टिगत मदरसों की सुरक्षा व संरक्षा के लिए कोई स्थाई प्रोग्राम और राब्ता अभियान की कमेटी बनाने की आवश्यकता है। इस के साथ ही दो जमात के रूप में 10 सदस्यीय कमेटी बना दी गई।
कारी अब्दुल समी, सदस्य, शूरा, राब्ता दिल्ली प्रदेश ने कहा कि राब्ता मदारिस दिल्ली प्रदेश की ज़िला स्तरीय कमेटी बनाने की आवश्यकता है ताकि ज़िला स्तर से मदरसों की सुरक्षा और संरक्षण पर विशेष ध्यान रखा जा सके।
इस अवसर पर दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन ज़ाकिर खान ने कहा कि अल्पसंख्यक आयोग से आप किसी भी तरह का मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।
संयुक्त रूप से कई प्रमुख प्रस्ताव पास हुए जो फाइल के रूप में सबको दिए गए। संयुक्त रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि कोई भी मदरसे से खुद को अलग न करे। दीनी सेवाओं से जुड़कर रहना, दुनिया व आखिरत की कामयाबी व अल्लाह की रज़ा के माध्यम हैं। आर्थिक संकट से निकलने की कोशिश करें। लेकिन सरकारी स्तर पर किसी प्रकार के हस्तक्षेप से बचने के लिए अपने बुजुर्गों की कोशिशों को हमेशा सामने रखें। मदरसों को रजिस्टर्ड कराएं। कागजात पूरे रखें और व्यवस्था ठीक रखें।
सम्मेलन में विचार प्रकट करने वालों में मौलाना जफरुद्दीन मदरसा अब्दुल रब कश्मीरी गेट, क़ारी फरमान कासिम विहार लोनी मौलाना कासिम रहीमी आरके पुरम, मौलाना ताहिर क़ासमी मुस्तफाबाद, मौलाना निसार अहमद नक्शबंदी अध्यक्ष दिल्ली मुस्लिम लीग, मौलाना ज़ियाउल्लाह क़ासमी बल्लीमारान, मौलाना गयासुद्दीन मजाहिरा तुर्कमान गेट, मुफ़्ती कासिम क़ासमी इमाम शाही मस्जिद बेहटा हाजीपुर, मौलाना रिजवान क़ासमी मोहन गार्डन दिल्ली, मौलाना ताहिर क़ासमी चौहान बांगर, मौलाना हारून रशीद महरौली, मुफ़्ती इस्हाक साहब हकी नबीकरीम, मौलाना रिजवान अंजुम क़ासमी मुस्तफाबाद, मुफ्ती निसार अहमद संगम विहार, वजीराबाद, मौलाना मेहंदी अल कासिमी, मौलाना कासिम नूरी अध्यक्ष जमीयत उलमा नई दिल्ली आदि प्रमुख रहे।



















